द फॉलोअप डेस्क
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गठित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में पाकिस्तान ने औपचारिक रूप से शामिल होने का फैसला कर लिया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस अंतरराष्ट्रीय मंच का हिस्सा होंगे। यह बोर्ड मुख्य रूप से गाजा में युद्धविराम लागू कराने और युद्ध से प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण की निगरानी के उद्देश्य से बनाया गया है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह कदम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 के तहत गाजा शांति योजना को समर्थन देने की दिशा में उठाया गया है। पाकिस्तान को उम्मीद है कि इस मंच के जरिए स्थायी युद्धविराम, मानवीय सहायता में इजाफा और गाजा के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी। पाकिस्तान ने दोहराया है कि वह 1967 से पहले की सीमाओं और अल-कुद्स अल-शरीफ को राजधानी मानकर एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र के गठन का समर्थक है।
.jpeg)
‘बोर्ड ऑफ पीस’ का प्रस्ताव राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले साल सितंबर में गाजा युद्ध को समाप्त करने की योजना के तहत रखा था। इस बोर्ड में कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया गया है और ट्रंप स्वयं इसके अध्यक्ष होंगे। शुरुआती फोकस गाजा संकट पर है, लेकिन भविष्य में अन्य वैश्विक संघर्षों के समाधान की दिशा में भी इसकी भूमिका तय की गई है।
कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में दावा किया गया है कि बोर्ड की स्थायी सदस्यता के लिए 1 अरब डॉलर के योगदान का सुझाव दिया गया है, हालांकि पाकिस्तान या सऊदी अरब की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पाकिस्तान के साथ अब तक 9 मुस्लिम बहुल देशों ने इस बोर्ड का समर्थन किया है। इनमें सऊदी अरब, कतर, तुर्किये, मिस्र, जॉर्डन, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत शामिल हैं। माना जा रहा है कि यह बोर्ड इजरायल और हमास के बीच जारी तनाव को कम करने में एक अहम अंतरराष्ट्रीय मंच की भूमिका निभा सकता है।
